Wednesday, 12 May 2021

कुछ तो बात होगी ना, इस उत्तराखंड की भूमि में।




विकास, उत्तराखंड का विकास। इस वाक्य को लेकर कई मत आपके मन में भी होंगे, लेकिन इस मत से पिछले 21 वर्षों में आपको मिला क्या? अगर आपके पास कोई जवाब है तो दीजिएगा जरूर। लेकिन हमारा मत मानें तो कोई जवाब नहीं हैं, सता में आए लोगों ने अपने हित साधे और चले गए। सत्ता के चक्रव्यूह में हर आम आदमी के सपने ने भी अपना दम तोड़ दिया। तो अब उपाय क्या है? उपाय बस इतना है कि आपको अपने सपनों को इतना ऊंचा उठाना होगा कि इस प्रदेश का कुछ भला हो सके। कुछ ऐसा हो कि पतंग की डोर दिल्ली से न पकड़ी जाए, वह डोर इस राज्य का कोई व्यक्ति संभाले और उसे पता हो कि यह डोर कटने से कैसे बचेगी। 


मुहावरों में बात नहीं कर रहा हूँ, हम सब जानते हैं कि इस प्रदेश की समस्याएं क्या हैं? इस सुंदर प्रदेश में यदि रोजगार होता तो क्या कोई दूसरे प्रदेशों में जाता? क्या मनमोहक वादियों के मोह को छोड़कर कोई जाना चाहता है? हां, जाना चाहता है इंसान का पेट जो रोजी रोटी चाहता है। लेकिन रोजी रोटी यहीं मिल जाए तो लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या यहां से वापस नहीं जाएगी। लेकिन अभी तो जा रही है ना। रोकना कैसे है? रोका जा सकता है दोस्तों, कई उपाय हैं, बस भावना चाहिए और वो भावना आएगी तब जब हर उत्तराखंडी शपथ लेगा कि हमें अपने प्रदेश को बढ़ाने के लिए किसी ऐसे को सत्ता में बिठाना होगा जो इस प्रदेश की समस्या जानता हो। उसे आप चुन सकते हैं, कोई पाबंदी नहीं है, बस अपने दिल की जगह दिमाग से सोचिये। यह वो प्रदेश है जिसकी भूमि को पाने के लिए विदेशी भी कोशिश कर रहे हैं, कुछ तो बात होगी ना इस भीमि की।

6 comments:

  1. आपकी बातों में पहाड़ का दर्द है सत्य स्वर्ग समान है हमारा पहाड़ बहुत कुछ है इस देवभूमि में पर कुछ लोगों ने इसे अपना स्वार्थ का स्थान समझ रखा है सत्ता में बैठकर कुछ लोग केवल इसको पहाड़ समझ बैठे हैं अब सोचने का वक्त आ गया है

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  2. आपकी बातों में पहाड़ का दर्द है सत्य स्वर्ग समान है हमारा पहाड़ बहुत कुछ है इस देवभूमि में पर कुछ लोगों ने इसे अपना स्वार्थ का स्थान समझ रखा है सत्ता में बैठकर कुछ लोग केवल इसको पहाड़ समझ बैठे हैं अब सोचने का वक्त आ गया है

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  3. बहुत सुंदर कार्य उत्तराखंड के युवाओं का परिश्रम व्यर्थ नहीं जाएगा🙏💐

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  4. बहुत सुंदर

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  5. उत्तराखंड के युवाओं का सहयोग और ग्रामीण क्षेत्रों का सहयोग मिलेगा तो संगठन के कार्यकर्ताओं
    को कार्य करने का उत्साह बढ़ेगा।

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