'यत्र नार्यस्तू पुज्यते' हमारे पुराणों में लिखे यह शब्द दर्शाते हैं कि भारत की इस धरती पर नारी का कितना सम्मान है। नारियों को जितना भी सम्मान दिया जाए वह कम है। नारी ही इस सृष्टि में जीवन दायनी है। लेकिन केवल जीवन दायनी ही नहीं रक्षक भी।
जी हां, नारी एक रक्षक भी हैं। इसी का एक उदाहरण पेश किया है पुलावामा हमले में शहीद हुए मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की पत्नि निकिता देवी जी। उनके पति 2019 में पुलवामा हमले में देश की रक्षा करते हुए और दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे। उनकी शहादत को चार चांद लगाने के लिए उनकी पत्नी ने आंसू बहाने की बजाय उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए देश की रक्षा का जिम्मा उठाया है। यह भारत की बेटी और उत्तराखंड की शान हैं और इस माह यानि मई महीने के 29 तारीख को भारतीय सेना की वर्दी पहनने जा रही हैं।
ऐसे ही जज्बे की उम्मीद हर भारतीय से की जाती है। हम उत्तराखंडी लोग उत्तराखंड की शान निकिता देवी जी से बहुत कुछ सीख सकते हैं। अपने हौसले को तोड़ने की बजाय उसे एक नया आयाम देकर हम देश और इस समाज की रक्षा करना उनसे सीख सकते हैं। जो लोग बेटियों को लेकर अभी भी गलत विचार धारा लेकर जीते हैं उन्हें निकिता जी के सराहनीय कदम से सीखने की जरूरत है।

जय हिन्द जय उत्तराखण्ड 💐🙏🏻
ReplyDeleteनारी अपने आने पर कुछ भी स्वरूप रख सकती है नारी सशक्तिकरण
ReplyDelete