Monday, 12 July 2021

गढ़कुमाऊँ संगठन उत्तराखण्ड की साप्ताहिक मीटिंग में इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा



गढ़कुमाऊँ संगठन उत्तराखण्ड की सप्ताहिक मीटिंग दिनांक 11-जुलाई-2021 कोसाप्ताहिक मीटिंग सायंकाल 6 से प्रारम्भ हुई, जिसमें मुख्य उद्देश्य भू-कानून एवं संगठन का विस्तारीकरण था। मीटिंग संचालन कर्ता डॉ. नवीन पाण्डेय ने सभी प्रतिनिधियों के समक्ष चर्चा के मुख्य बिन्दुओं पर अपनी बाते रखी, जिसमें भू-कानून को कैसे उत्तराखण्ड में संगठन के माध्यम से एक आँधी की तरह से फैलाया जाए? साथ ही उन्होंने कहा है कि संगठन में जितने भी प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं उन सभी को अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करना होगा और ऐसे युवाओं को आगे लाना होगा जो उत्तराखण्ड की इस पीड़ा को भली भाँति समझते हों, जिनके हृदय में उत्तराखण्ड के लिए कुछ अच्छा कर गुजरने की छमता हो।

सर्वप्रथम देहरादून से डॉ. राजीव जी ने कहा हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को अपने गांव से जोड़कर रखना चाहिए जिससे उनके मन मस्तिष्क में सदैव अपनी संस्कृति से जुड़ाव रहेगा। आवागमन का मार्ग भी उत्तराखण्ड में लगभग दुरुस्त हो चुके हैं तो हमें सप्ताह के अन्त में या मास के अन्त में गांव अवश्य जाना चाहिए। रुद्रप्रयाग विधानसभा से मातृ शक्ति का नेतृत्व कर रही संगठन में रजनी जी ने कहा है कि हमारा संगठन भू-कानून के ऊपर बहुत ही उत्तम जंग लड़ रहा है, जिससे आने वाले समय में यह उत्तराखण्ड के लिए मील का पत्थर साबित होगा। महिलाओं का शोषण आज भी बना हुआ है समाज में जिसके लिए हमें खुद आवाज उठानी पड़ेगी। गढ़कुमाऊँ संगठन में सदैव समर्पित रहेंगे और प्रतिदिन एक नए कार्यकर्ता का निर्माण करते रहेंगे।


रूद्रप्रयाग से विजय भट्ट ने कहा है कि हमें सभी हिन्दू भाई-बहनों का संगठन खड़ा करने की आवश्यकता है, जो सक्षम हैं उन सभी को अपने कोष से धन एकत्रित करके उन जरूरतमन्द उत्तराखण्ड वासियों की सहायता करनी चाहिए जो लघु उद्योग या फिर छोटे से छोटा कार्य प्रारम्भ करना चाहता हो। नरेन्द्र नगर विधानसभा से डॉ. सुशील बिजल्वाणा जी ने कहा कि हमें संगठित होकर कार्य करना चाहिए उन्होंने एक उदाहरण के माध्यम से कहा है कि एक लकड़ी को कोई भी तोड़ सकता है परन्तु वही लकड़ी यदि एक गट्ठर में रहेंगी तो कोई भी उनको नहीं तोड़ सकता है। इसीलिए हमें भी गढ़कुमाऊँ संगठन उत्तराखण्ड के माध्यम से संगठित रहना है ताकि बाहरी लोगों की बुरी नजर हमारी देव भूमि पर न पड़े।

पौड़ी जिले से धर्मेन्दर जी ने कहा हमें अपने-अपने क्षेत्र से प्रतिनिधित्व कर के स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ानी चाहिए और मैं खुद सतपुली से एक गढ़कुमाऊँ संगठन का ग्रुप तैयार कर रहा हूं जिसमें स्थानीय युवा प्रतिभाग करेंगे और इस मुहिम को आगे बढ़ाएंगे जिससे संगठन को मजबूती प्रदान होगी। चमोली जिले से अभिषेक जी ने अपने विचारों में कहा है कि हम चाहे जहां भी रहे हमें अपने मूलनिवास से जुड़े रहना चाहिए। बाहरी राज्यों से आए किसी भी बुरी नजर वालों को हम उत्तराखण्ड में टिकने नहीं देंगे।

धनौल्टी विधानसभा क्षेत्र से रोहित उनियाल जी ने बताया है कि हमारे क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आये हुए शरणार्थियों ने बहुत अधिक मात्रा में अतिक्रमण कर दिया है परन्तु सत्ताधारी सरकार इस पर कोई ठोस

नीति नहीं बना रही सब वोट बैंक की राजनीति हो चल रही है। 

4 comments:

  1. Jay Uttarakhand🙏🙏

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  2. जय गढ़कुमाऊँ

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  3. बिल्कुल,
    अब सब उत्तराखंडियों को एक होना पड़ेगा अपने राज्य के नवनिर्माण के लिये.

    🏃🏃🏃🏃💐💐

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