Friday, 28 May 2021

बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जिलास्तर संगोष्ठी



आज दिनांक 24/04/2021 मध्यान एक बजे बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ की संगोष्ठी सम्पन्न हुई। संगोष्ठी की अध्यक्षता संगठन के कार्यकारिणी सदस्य डॉ. नवीन पाण्डेय जी कर रहे थे। संगोष्ठी का संचालन बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जिला संयोजक श्री गौरव जोशी जी कर रहे थे। 

दोनो जिलास्तर की आज पहली संगोष्ठी हुई, जिसमें जिला संयोजक गौरव जोशी जी ने ग्रामीण स्तर की मूलभूत सुविधा जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं पलायन को मुख्य बिन्दु बनाया जिस पर सभी कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रख कर उनको धरातल पर लाने की बात कही। गौरव जी ने गढ़कुमाऊँ संगठन के बारे में बताते हुए कहा है कि, इसकी मूलभूत आवश्यकता व्यक्तित्व विकास एवं उत्तराखण्ड के विकास के लिए किस प्रकार से पीड़ा हमारे मन में होनी चाहिए हमें भली भांति समझना होगा।  

संगठन में बागेश्वर जिले से प्रतिभाग कर रहे प्रथम वक्ता श्री रविन्द्र कुमार जी ने बताया है कि लोग अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य तथा अच्छे रोजगार के लिए पलायन करते हैं, लेकिन दुर्भाग्य यह बन जाता है कि वो वापस गांव आने की इच्छा नही रखते जिससे कि उनके घर धीरे-धीरे बन्जर पड़ जाते हैं। जो घर एक बार बन्जर पड़ गया तो उसको सुधारना बहुत ही कठिन कार्य हो जाता है। उत्तराखण्ड में शिक्षा के स्तर को सुधारने बल देना चाहिए। शिक्षा ऐसी हो जो उत्तराखण्ड के लिए रोजगारोन्मुख हो।

संगठन में रामगढ़ नैनीताल से पधारे मुकुल जी का कहना है कि जो व्यक्ति अभी कोरोना महामारी के दौरान अपने उत्तराखण्ड में वापस आए हैं उनके लिए सरकार की तरफ से बहुत योजनाएं हैं जो ब्लॉक स्तर पर मिलती है जैंसे कृषि यन्त्रों को खरीदना, पर्यटन के लिए छोटे स्तर पर होटल इत्यादि खोलना एवं फल-सब्जियां उगाना इत्यादि। 

डीडीहाट विधानसभा प्रतिनिधि श्री दीपक जी ने कहा कि उनके गांव क्षेत्र में अभी तक सड़क, शिक्षा एवं स्वस्थ्य की उचित व्यवस्था नहीं है। क्षेत्र में पर्यटन के लिए अच्छा कार्य हो सकता है।  जैसे यहाँ पर घाटियां हैं दारमा, चौदास, व्यास घाटी, मुन्स्यारी एवं द्वापरयुग के बहुत से पुराने मन्दिर हैं जो दुर्गम क्षेत्र होने के कारण आजतक मुख्यधारा में नहीं जुड़ पाए हैं। यहां पर इक्कीस नागों के मन्दिर हैं। शिराकोटी मुख्य मन्दिर है। प्राचीन मन्दिर एवं धरोहरों का जीर्णोद्धार करके वहां पर सैलानियों को आमन्त्रित करके स्थानीय लोंगो को रोजगार प्राप्त हो सकते हैं।

पिथौरागढ़ से पधारे धीरेन्द्र जी ने बताया है कि यदि जो व्यक्ति उत्तराखण्ड में किसी भी क्षेत्र में जैंसे शिक्षा, स्वास्थ्य एवं खेलकूद से जुड़ा हो वह गांव-गांव में अपनी प्रतिभा से युवाओं को उस मार्ग की ओर प्रेरित कर सकते हैं जिससे कि उत्तराखण्ड के युवाओं का भविष्य एक बेहतर दिशा की ओर उन्मुख हो सके। हमें अपनी मातृभूमि पर गर्व होना चाहिए इस से हमारा लगाव कम नहीं होना चाहिए।

बागेश्वर से श्री सीताराम जोशी जी ने मातृ भाषा को बढ़ावा देने के लिए कहा और सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हुए कहा कि हम जो भी संगोष्ठी करेंगे या जब भी एक दूसरे से मिलेंगे तो अपनी मातृभाषा में वार्तालाप करेंगे। जिससे हमारी भाषा की रक्षा एवं संवर्धन हो सके।

पिथौरागढ़ से हरीश कार्की जी ने अवैध नशा जैंसे गांव देहातों में शराब बनाई जा रही है जिससे कि कम उम्र के लोगों की मौत की तादाद बढ़ी है। इन अवैध शराब-खानों पर तब ही नकेल कसी जा सकती है  जब-तक हम संगठित नहीं होंगे क्योंकि इनके खिलाफ अकेले कोई आवाज नहीं उठा सकता। 

बागेश्वर से गोपेश जी नें उन सभी आंदोलनकारियों का स्मरण किया। उन्होने निर्मल पण्डित एवं श्रीदेव सुमन जी को वाचा पुष्पांजलि देते हुए कहा है कि हमें इन पुण्यात्माओं के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। जब-तक पहाड़ के व्यक्ति को पहाड़ के प्रति पीड़ा नही होगी तब-तक हम पहाड़ के लिए समर्पित नही हो सकते हैं। हमारे हितों के लिए जो भी आवाज उठाते हैं हम उसको बहुत जल्दी उसको भूल जाते हैं। हमें याद रखना होगा उन सभी के व्यक्तित्व को जिन्होंने पहाड़ी राज्य के लिए आजीवन संघर्ष करके अपने प्राणों की आहुति दे दी। जो व्यक्ति हमारी भावनाओं के विरुद्ध कार्य करता है हम उसके कुकृत्य को भी यथाशीघ्र भूल जाते हैं। आज से कुछ दशक पहले की शिक्षा में समानता थी सभी वर्ग के बच्चे सरकारी स्कूल में एक साथ पढ़ते थे परन्तु आज स्थिति जगजाहिर है। हमें सरकारी स्कूलों की तरफ ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। उत्तराखण्ड में जितने भी गरीब परिवार रह रहे हैं जिनके पास ऑनलाइन कक्षा लेने के लिए एन्ड्रोइड मोबाइल नहीं है उन बच्चों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। निजिकरण को रोकना ही हमारा प्रथम लक्ष्य होना चाहिए।

गोपेश जी ने सरकारी नीतियों को आड़े हाथों लेकर कहा है कि गढ़वाल का विकास देहरादून एवं कुमाऊँ का विकास हल्द्वानी। उत्तराखण्ड का मूल विकास वहां के गांव से जुड़ा है। देवस्थानों में  पवित्रता का ध्यान में रख कर देव दर्शन करें।

अध्यक्षीय सुझाव में डॉ. नवीन पाण्डेय जी ने संगठन में कार्यकर्ता निर्माण पर बल देते हुए कहा है कि उत्तराखण्ड में जितनी भी मूलभूत समस्याएं हैं उन सभी का कारण यह है कि हम अपना अधिकार छीनना भूल गये हैं हमें आदत पड़ गई कि कोई हमें हमारे हाथों में दे कर चला जाए हम उस ही में खुश रहते हैं। इसलिए अब हमें जागना होगा और सभी उत्तराखंड वासियों को जगाना होगा। आज उत्तराखण्ड को स्वराज्य का दर्जा प्राप्त हुए 21 वर्ष हो गये लेकिन स्थिति आप सभी के समक्ष है। कल जब हमारी पीढ़ी हमसे ये कहे कि आप जब समर्थवान थे तो हमने अपने उत्तराखण्ड के सुन्दर भविष्य   के लिए कुछ क्यों नहीं किया? इसलिए सभी साथियों को संगठित करना होगा जिससे कि सशक्त उत्तराखण्ड का विकास हो सके यहां के लोगो को उनकी मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रखा जाए। 

कार्यकर्ता और संवाददाता दीपक सिंह बोरा डीडीहाट

6 comments:

  1. बहुत बड़िया 👌👌अब वो दिन दूर नहीं लगता है जैसे हमने सोचा है उतराखंड के स्वर्णिम भविष्य के लिए हर एक वर्ग को आगे आना होगा इसके लिए विशेष कर युवा 🙏🙏💐

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  2. अति उत्तम कार्य आइएगा हम सभी संगठन में जुड़कर उत्तराखण्ड का भविष्य संवारे

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  3. जो भी इस न्यूज को पढ़ेंगे वो फॉलो पर जाकर पेज को फॉलो जरूर करें 💐🙏🏻

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  4. जब इस प्रदेश का हर युवा ऐसे ही संगठन मे प्रतिभाग करेगा, तब हर समस्याओ का समाधान निश्चित हैँ. जय भारत, जय उत्तराखंड 🌹👍🌹

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  5. आज इस प्रकार के विचार हर किसी से मन मे है। हर व्यक्ति इन समस्याओं के निवारण के लिए कुछ करना चाहता है। लेकिन कहीं न कहीं उसके वह विचार दब जाते है। उत्तराखंड की इन समस्याओं से निजात पाने हेतु संगठन का निर्माण किया गया है। अतः इससे अवश्य जुड़े

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  6. आओ सभी साथ मिलकर चले🙏🌹

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